ओ परहित करके देखना, आनन्द मिलेगा, सुख बरसेगा।।
नश्वर है तेरी सुन्दर काया, नहिं कुछ तेरे साथ चलेगा।।
आनन्द मिलेगा…..
धन-दौलत में तू मत उलझे, सब एक दिन यहीं छूटेगा।।
असहाय की जब तू करेगा सहायता, देखना तब तेरा दिल हरषेगा।।
आनन्द मिलेगा…..
जब तू किसी रोते का आँसू पोछेगा, तब तेरा मन खुशी से भरेगा।।
जब तू करेगा किसी की प्रशंसा, देखना तुझे खुद को अच्छा लगेगा।।
आनन्द मिलेगा…..
जब तू माता-पिता की सेवा करेगा, तब देखना तेरा घर खुशियों से भरेगा।।
जब तू सतगुरु की सेवा करेगा, देखना तुझे सब कुछ मिलेगा।।
आनन्द मिलेगा…..
लक्ष्मीनारायण का कहना जो मानेगा, देखना वो भव तरेगा।।
आनन्द मिलेगा…..