गजब हुआ बाँट लिया भगवान
अरे गजब हुआ सबने बाँट लिया भगवान ।
कोई राम कहे श्याम कहे कोई कहे अल्लाह रहमान ।।
अरे गजब हुआ.........
पंथों का तो अंत नहीं झगड़ा सब करता इन्सान ।
एक बीज से पैदा होते फिर क्या हिंदू क्या मुसलमान ।।
अरे गजब हुआ.........
कोई कहता मंदिर में कोई कहता मस्जिद उसका स्थान ।
कोई चर्च बताए कोई गुरूद्वारा कोई पत्थर में माने भगवान ।।
अरे गजब हुआ .........
सत नाम कोइ न जाने भटक रहा सब जहान ।
सबके घट में प्रभु बसे मूरख सकै नही पहचान ।।
अरे गजब हुआ.......
प्राण रूप सब में बसता देखलो करवे ध्यान ।
कहत लक्ष्मी सुनो भाई साधु यही प्रभु का ग्यान ।।
अरे गजब हुआ सबने बाँट लिया भगवान ।
कोई राम कहे श्याम कहे कोई कहे अल्लाह रहमान ।।
‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके।
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