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Lyrics

हे सतगुरु कृपा बरसा हम पर

Satyavani Bhajan (Part -4)
हे सतगुरु कृपा बरसा हम पर हे सतगुरु अपनी कृपा अब बरसा हम पर हम सब पर दिव्य चेतना का संचार कर। सद्भावना हो दिलों में प्रेम से हमको भर।। तेरा रहे भरोसा सदा हमको नहिं हो कोई डर। तेरी याद रहे पल-पल ऐसी वृति हमारी कर। दीन दुखियों की करें सहायता ऐसा दे हमको वर। तेरी करुणा में हमको नहला दे हे नाथ करुणाकर।। हम सब आया तेरी शरण में तजि सब आडम्बर।। ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,
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