Loading...

Lyrics

ढोल गँवार शुद्र पशु नारी

Satyavani Bhajan (Part -4)
ढोल गँवार शुद्र पशु नारी ढोल गवाँर शुद्र पशु नारी, इन पर विवाद हो रहा भारी।। मरम न जाने मूरख जन, झगड़ रहे मूढ़ गँवारी।। ताड़ना को तो दण्ड मान लिया, इनकी मति गयी मारी।। ताड़ना का मतलब है, जानो-समझो विषय अनुसारी।। जो जानेगा मरम ढोल का, उसी की होगी कलाकारी।। गवाँर को जो जानेगा भलिभाँति, उसकी मानेगा गवाँर बात सारी।। शुद्र मतलब सेवा को जो जान लिया, वही होगा सेवा का अधिकारी।। पशु यानी बन्धन का मरम जो जानेगा, वही तोड़ेगा बंधन सारी।। निज तन की नारी को जानेगा, वही तो बनेगा निर्विकारी।। ताड़ना का मतलब जानना है, लक्ष्मीनारायण ने कह दी बात उघारी।।
Special Thanks and credits to HTML Codex