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Lyrics

कहा न जाए (Kaha Na Jaye)

Satyavani Bhajan (Part-1)
कहा न जाए सब कहते प्रभु तू कहा न जाए । फिर भी कोई बिना कहे रह ना पाए ॥ वेद पुराण सब कहे पर कहने में नहिं आए । व्यासादि कवि पुगंव सारे लिख लिख हराए ॥ अच्छे अच्छे ज्ञानी वो नहि भेद खोल पाए । जिस पर की कृपा प्रभु वो निज घट समझाए । आदि अन्त नहिं तेरा फिर कोई कैसे बताए ॥ पर इतना सत्य तेरी शरण सदा सुख दिलाए ॥ धन्य है वो जीव प्रभु जो तेरी शरण में आए ॥ ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,
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