गुरु भरोसे जीवन जीना, होता है सुखदाई रे।।
काम, क्रोध, जब-जब सताते, तब गुरु ही शान्त कराई रे।।
गुरु भरोसे…..
गुरु की दुआ में होती है ताकत, विपद सब दूर भगाई रे।।
तनिक स्वारथ नहिं होता सतगुरु का, वो तो प्रेम देखि हरषाई रे।।
गुरु भरोसे…..
जिन्दगी में पल-पल उलझन होती, गुरु ही सब उलझन सुलझाई रे।।
जो करता पूर्ण भरोसा गुरु का, वाकी पल-पल गुरु करते सहाई रे।।
गुरु भरोसे…..
कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु, गुरु भरोसे जीवन उत्सव लगाई रे।।
गुरु भरोसे…..