जब मन होय काम बिकल, तब काममय लगता संसार रे।
भजन भाव में जब मन रहता, तब लगता ब्रह्म आकार रे।।
जब मन होय….
एक ही ऊर्जा का ताना-बाना सारा, ऊर्जा से ही राम ऊर्जा से ही काम विस्तारा रे।।
ऊर्जा है मूल जगत की, ऊर्जा चलती भाव अनुसारा रे।।
जब मन होय….
ऊर्जा का जो मरम जानले, तो माया का हो जाता निस्तारा रे।।
मन के भावों को निर्मल करलो, मिल जायेगा सुख आधारा रे।।
जब मन होय….
कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु, सतगुरु की ऊर्जा अपारा रे।।
जब मन होय….