यह जीवन है ढलती छाया, पल-पल ढलता जायेगा।
करले भजन बन्दे हरि का, नहिं तो अन्तकाल पछतायेगा।।
यह जीवन है…..
पाई-पाई तू ने दौलत जमाई, यहीं छोड़ सब तू जायेगा।।
तेरे कर्म ही तेरा साथ निभायेगा, कर्म का तू फल पायेगा।।
यह जीवन है…..
तू मत दु:खा किसीका दिल जग में, तेरा दिल कभी दु:ख नहिं पायेगा।।
जो तू करेगा भला किसीका जग में, तेरा भला यूँ ही हो जायेगा।।
यह जीवन है…..
संग करले तू सतगुरु का, जग में सुख ही सुख पायेगा।
लक्ष्मीनारायण करले भजन हरि का, जीवन में परम सुख मिल जायेगा।।
यह जीवन है…..