जिसकी सतगुरु चरणों में प्रीत लगी, उसकी सोती किस्मत जगी।।
जिसने सतगुरु का किया भरोसा, उसकी चिन्ता सब भगी।।
जिसकी सतगुरु…..
नुगरा जो विषय रस को ध्याया, उसकी जिन्दगी गयी ठगी।।
जिसने सतगुरु का सुमिरण कर लिया, वा पर सतगुरु कृपा बरसन लगी।।
जिसकी सतगुरु…..
सतगुरु ही सच्चा साथ निभाते, ये दुनिया नहिं किसी की सगी।।
सतगुरु की शरण में सुख मिलता, लक्ष्मीनारायण ने यह बात पगी।।
जिसकी सतगुरु…..