गुरुदेव हमरे काज सँवारो, म्हारा दिल में आज पधारो।।
पूजा जप-तप हमसे होता नहिं, म्हाने तो गुरुजी भरोसो तिहारो।।
गुरुदेव हमरे…..
मुझमें गुरुजी अवगुण घणा, म्हाने तो अब थारो सहारो।।
म्हारो मन विषय वन में भटका, अब तो याकू गुरुजी बाहिर निकारो।।
गुरुदेव हमरे…..
मेरे मन की चदरिया निर्मल कर दो, या कू भगति के रंग में रंग डारो।।
मेरे अवगुण सब माफ करो, नहिं भूलूँगो अहसान थारो।।
गुरुदेव हमरे…..
लक्ष्मीनारायण आयो शरण में थारी, करुणा करि याकू पार उतारो।।
गुरुदेव हमरे…..