सन्तन की महिमा सुनो मेरे भाई।
सन्त होते सरल स्वभाव के, परहित रत रहत सदाई।।
सन्तन की महिमा…..
सन्त होते दयालु स्वभाव के, बिनु कारण दया बरसाई।।
सन्त होते संतोषी स्वभाव के, कबहुँन संग्रह कराई।।
सन्तन की महिमा…..
सन्त होते कृपालु स्वभाव के, परपीड़ा देखि दूर कराई।।
सन्त होते उपकारी स्वभाव के, मन, वचन, कर्म, उपकार कराई।।
सन्तन की महिमा…..
सन्त होते हैं शान्त स्वभाव के, सदा शान्ति उपदेश कराई।।
सन्त होते समदृष्टि वाले, सब पर समता भाव रखाई।।
सन्तन की महिमा…..
सन्त होते हैं भगत भगवान के, हृदय अटल विश्वास सुहाई।।
कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु, सच्चा संत सब संशय मिटाई।।
सन्तन की महिमा…..