माया में जीवन गुजर गया, गुरुजी मैं तो तुमको भूल गया।।
बालपन में मैं अबोध भया, खेल-कूद में समय गवां दिया।
माया में जीवन…..
जब चढ़ी जवानी तन में, मैं तो काम में बोराय गया।।
वासना की ऐसी आग लगी, तन-मन मेरा विकल हो गया।।
माया में जीवन…..
सुख भोग की बिरथा दौड़ लगायी, संघर्ष में यौवन गुजर गया।।
सुख के बदले दु:ख ही दु:ख मिला, मैं बिरथा जगत में भरमा गया।।
माया में जीवन…..
बुढ़ापा में पश्चाताप करूँ मैं, बिनु भजन जीवन बिरथा गवां दिया।।
गुरुजी अब तो दया करदो मुझ पर, अब मैं सब विधि तेरी शरण में आ गया।।
माया में जीवन…..
लक्ष्मीनारायण ने दिया है हेला, अब तो मैं जग गया।।
माया में जीवन…..