विषयन का चिन्तन छोड़ो, सतगुरु चरणों में सुरता को जोड़ो।।
सुख मिल जायेगा, आनन्द बरसायेगा।।
मोह का बन्धन खोलो, माया से नाता तोड़ो।।
सुख मिल जायेगा, आनन्द बरसायेगा।।
मन को भगति पथ पर मोड़ो, सतगुरु का सुमिरण कभी ना छोड़ो।
सुख मिल जायेगा, आनन्द बरसायेगा।।
काम, क्रोध, मद, लोभ का माया छोड़ो, दया, दान, करुणा के भावों से नाता जोड़ो।
सुख मिल जायेगा, आनन्द बरसायेगा।।
भजन करने की ठानो, लक्ष्मीनारायण का कहना मानो।।
सुख मिल जायेगा, आनन्द बरसायेगा।।