उल्टा नाम जपो मेरे भाई, भरम मन का मिट जाई।।
उल्टा नाम जपा वाल्मीकि ने, निज घट में ब्रह्म समझाई।।
उल्टा नाम जपो…..
पवन उलट गगन में चढ़ालो, उल्टा नाम जपन में आई।।
नाभी मण्डल में नाम को धारो, करो आभास प्राण उठाई।।
उल्टा नाम जपो…..
राम नाम प्राण में रमालो, रा से उठत म से निकसाई।।
राम नाम की जब लय लगेगी, नाभी मण्डल जग जाई।।
उल्टा नाम जपो…..
प्राण उल्ट गगन में चढ़ेगी, ज्ञान ब्रह्म का हियँ उमगाई।।
अवधूत देवीदास के प्रताप से लक्ष्मीनारायण अनुभव गाई।।
उल्टा नाम जपो…..