ओ सुनो मेरे भाई, सन्त मिलन तीरथ सुहाई।।
सन्त का दरशन मन शान्त कराए, मन की कल्मष सहज मिटाए।।
सन्त मिलन आनन्ददाई।।
ओ सुनो मेरे…..
राम की भक्ति सुरसरि की धारा, अपने मन में बन्धु करो विचारा।
सन्त मिलन सदा सुखदाई।।
ओ सुनो मेरे…..
सन्त मिलन मन मंगल दाता, सन्त शरण जीव सुख पाता
सन्त मिलन चार फलदाई।।
ओ सुनो मेरे…..
सुकृत प्रभाव सन्त मिलनाई, सन्त भव सागर नैया पार लगाई।
सन्त मिलन भाग्य खुलाई।।
ओ सुनो मेरे…..
सब काम तजि जे संग संत का करे, मिले सुख माया विपद सब टरे
लक्ष्मीनारायण सन्त मिलन शुभ सदाई
ओ सुनो मेरे…..