आवत जावत श्वास देखले, चित तेरा पावन हो जायेगा।।
भावों का मत करि विचार तू, मन तेरा वश में हो जायेगा।।
आवत जावत…..
भल मन्द का मत करि चिन्तन तू, भावों का मरम समझ में आ जायेगा।।
दृष्टा बन जा तू भावों का, निज स्वरूप तू समझ जायेगा।
आवत जावत…..
नश्वर लगेगा तन तुझको तेरा, माया का खेल समझ आ जायेगा।।
कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु, श्वास डोर से मुक्ति मंजिल पायेगा।।
आवत जावत…..