गुरु चरणन की रज से, अपना मन दर्पण धोलो भाई।।
प्रभु का नित्य गुण गावो, तजि सब मन की कपटाई।।
गुरु चरणन…..
यो तन तो है माटी को खिलौना, पवन को अनुभव करो भाई।।
पवन का खेल है सारा जगत में, पवन से बल बुद्धि उपजाई।।
गुरु चरणन…..
पवन को निर्मल करलो, तन मन के कष्ट मिट जाई।।
राम रसायन सब घट में रहता, गुरु कृपा से समझ में आई।।
गुरु चरणन…..
अवधूत देवीदास के प्रताप से, लक्ष्मीनारायण राम रसायन पाई।।
गुरु चरणन…..