नाम रूप की अकथ कहानी, कोई समझेगा ब्रह्मज्ञानी।
नाम से नामी अलग नहीं होता, नाम का मरम जानै ध्यानी।।
नाम रूप की…..
नाम का अनुसरण नामी करता, नाम में ही नामी के गुणखानी।।
नाम से ही रूप प्रकट हो जाता, नाम से हृदय में प्रेमी उमगानी।।
नाम रूप की…..
नाम में रूप समाया नामी का, सतगुरु कृपा से परै पहिचानी।।
अवधूत देवीदास के प्रताप से, लक्ष्मीनारायण नाम रूप की महिमा जानी।।
नाम रूप की…..