मन से बुरा कोई नहिं जगत में, अपने मन की करो पहचान।।
मन के अन्दर देखलो, बैठा मिलेगा वहाँ शैतान।।
मन से बुरा कोई…..
मन के भाव अनन्त हैं, समझोगे तो रह जावोगे हैरान।।
मन ही बन्धन मन ही मुक्ति, मन ही होता सुख-दु:ख की खान।।
मन से बुरा कोई…..
मन से ही भगति की राह मिलती, मन से ही मिलता भगवान।।
मन के अन्दर सब छुपा है, इससे रहो सावधान।।
मन से बुरा कोई…..
कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु, मन को जानि पावो पद निर्वाण।।
मन को समझना…..