मरम भवानी शंकर का, समझो मेरे भाई रे।।
श्रद्धा का भाव भवानी घट की, मत भटको जग मांई रे।।
मरम भवानी…..
भाव से विश्वास बनता मन में, विश्वास ही सब शंका मिटाई रे
शंका मिटे शंकर हो जाता, हृदय में सहज ज्ञान उपजाई रे।
मरम भवानी…..
श्रद्धा से विश्वास जब हो दृढ़, तब अन्त:करण में ईश्वर पाई रे।।
घट के भवानी शंकर मनालो, सहज में मुक्ति मिलेगी भाई रे।
मरम भवानी…..
अवधूत देवीदास के प्रताप से, लक्ष्मीनारायण सब शंका मिटाई रे
मरम भवानी…..