निज घट में बोध करो, गुरु नित्य बतराई रे।।
यम का पालन करलो, बिनु यम नहीं बात बनाई रे।।
निज घट में…..
सत्य, अहिंसा अचौर्य ब्रह्मचर्य, अस्तेय ये सब यम कहाई रे।।
यम का पालन नित्य करो, यम ही नियम बन जाई रे।।
निज घट में…..
यम नियम जब बनेगा, विषय अनन्त शान्त सुहाई रे।।
ज्यों-ज्यों विषय शान्त जब होगें, त्यों-त्यों गुरु शक्ति बोध कराई रे।।
निज घट में…..
बिनु गुरु के नहिं अज्ञान मिटे, सब ऋषि-मुनि जन ये गाई रे।।
यम साध गुरु की शक्ति जगालो, मुक्ति मिलेगी लक्ष्मीनारायण गाई रे।।
निज घट में…..