मैं तो हूँ खिलौना जगत का, सतगुरु तू है खेलनहार।।
मैं तो हूँ बालक तेरा, तू है सतगुरु मेरा पालनहार।।
मैं तो हूँ…..
मैं तो हूँ तेरे चरणों का दास, तू है सतगुरु मेरा करतार।।
मैं तो हूँ तेरी बगिया का फूल, सतगुरु तू ही है मालाकार।।
मैं तो हूँ…..
मैं तो हूँ अनुपम कृति तेरी, तू है सतगुरु मेरा सृजनहार।।
मेरा तो तू है सब भाँति भरोसा, मेरे जीवन का सतगुरु तू आधार।।
मैं तो हूँ…..
तेरे चरणों में सतगुरु अब, लक्ष्मीनारायण करता नमन बार-बार।।
मैं तो हूँ…..