जो होता है अच्छा होता है, तू मत कर बिरथा क्लेश रे।
सतगुरु का तू करले सुमिरण, मिट जायेगा तेरा अंदेश रे।।
जो होता है…..
आपद-विपद माया का चक्कर है, नहिं बच पाये ब्रह्मा, विष्णु, महेश रे।।
जिसने भी भजन किया सतगुरु का, उसको तो मिलते सुख के संदेश रे।।
जो होता है…..
सतगुरु की शरण में रहने पर, मिलता सुख हमेशा रे।।
सुरता जो सतगुरु चरणों में लगा लेता है, उसको मिलती कृपा विशेष रे।।
जो होता है…..
अनुभव करके लक्ष्मीनारायण, अब दे रहा जगत को संदेश रे।।
जो होता है…..