सतगुरु को याद कर, मत कर चिन्ता नादान रे।
सुख-दु:ख तो हैं आनी-जानी छाया, इनमें मत उलझो नादान रे।।
सतगुरु को…..
जो भी करता सतगुरु अच्छा करता, सतगुरु को परम हितैषी जान रे।।
जो होगा भला वो ही होगा तेरे लिए, सतगुरु तो हैं करुणा निधान रे।।
सतगुरु को…..
सतगुरु तेरी पल-पल की खबर रखते हैं, तेरा सदा करते कल्याण रे।।
सतगुरु तेरा कभी बुरा न होने देंगे, सतगुरु तो हैं दया की खान रे।।
सतगुरु को…..
सतगुरु का तू करले पूर्ण भरोसा, मिल जायेगा सब समाधान रे।।
अवधूत देवीदास के प्रताप से, सतगुरु महिमा गाता लक्ष्मीनारायण रे।।
सतगुरु को…..