राम रसायन तो तेरे पास, ओ मनवा तू क्यों भया उदास रे।।
काम, क्रोध मद, लोभ न सतायेंगे, तू हो जा राम का दास रे।।
राम रसायन…..
मनवा तू करना भरोसा राम का, तेरी पूर्ण होगी अभिलाष रे।।
बन कन्दरा में तू मत भटके, राम तो रहता सदा तेरे पास रे।।
राम रसायन…..
तेरे ही घट में राम मिलेंगे, मनवा तू कर तो सही विश्वास रे।।
राम नाम का सुमिरण कर मनवा, विषयन की कट जायेगी फाँस रे।।
राम रसायन…..
कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु, निजघट ही राम का निवास रे।।
राम रसायन…..