सतगुरु थारो बहुत-बहुत आभार।
थाने म्हारा मन की उलझन मिटा दी, सुखद बना दियो संसार।।
सतगुरु थारो…..
तुमने कृपा कर मुझे बचा लिया, मैं तो काम, क्रोध से था लाचार।।
भगति की तुमने मुझे राह बता दी, माया के मिटा दिए सब विकार।।
सतगुरु थारो…..
मन की मेरी कल्मषता मिटा दी, मेरा कर दिया दिल परिष्कार।।
प्रेम रस का तूने पान करा दिया, अब तो मिलता आनन्द इकसार।।
सतगुरु थारो…..
तेरे भरोसे मेरी चिन्ता सब मिट गयी, मुझे पल-पल सुख देता तेरा प्यार।।
अवधूत देवीदास के चरणों में, लक्ष्मीनारायण बार-बार बलिहार।।
सतगुरु थारो…..