सतगुरु आओ पधारो म्हारे द्वार रे।
हाथ जोड़ मैं थारी बिनती करूँ, दिल से करूँ थारी मनुहार रे।।
सतगुरु आओ…..
लौंग, ईलाइंची डोडा थारी पूजा में राखूँ, भोजन में परोसूँ थाने फलाहार रे।।
मलमल का थाने गलीचा लगाऊँ, चरण दवाऊँ मैं मन लगार रे।।
सतगुरु आओ…..
कलकत्ता का थानै इत्र मंगाऊँ, थानै खिलाऊँ रसगुल्ला रसदार रे।।
बेसन के थाने लडुवा खिलाऊँ, खिलाऊँ मीठा दही मलाईदार रे।।
सतगुरु आओ…..
मीठे-मीठे थाने भजन सुनाऊँ, करूँ नमन थारे चरणों में बारम्बार रे।
कहत लक्ष्मी सुनो रे सतगुरु, जल्दी आओ सुनकर हमारी पुकार रे।।
सतगुरु आओ…..