हे सतगुरु मेरे मन की तप्त मिटा दे, मुझ भटके हुए को राह दिखा दे।।
सतगुरु तेरी कृपा है अपरम्पार, मेरे भाल के कुअंक मिटा दे।।
हे सतगुरु मेरे…..
तेरी शरण में आन पड़ा हूँ, मेरे मन को धीरज बँधा दे।
तू है करुणा का सागर सतगुरु, मुझे तेरी करुणा में नहला दे।।
हे सतगुरु मेरे…..
तेरे चरणों में बार-बार विनती करूँ, हे सतगुरु मेरी लाज बचादे।।
लक्ष्मीनारायण पड़ा शरण में सतगुरु तेरी, कृपा कर अब बन्धन मुक्त करा दे।।
हे सतगुरु मेरे…..