सतगुरु ने करुणा कर दी, मेरा मिटा दिया अज्ञान अंधेरा।
काम, क्रोध की तप्त मिटा दी, मिटा दिया मेरे मन का बबेरा।।
सतगुरु ने करुणा…..
दया, दान करुणा के भाव उमगा दिए, मुझे दिखा दिया ज्ञान सबेरा।।
विषय जाल मेरा कटा दिया, मुझे बना लिया अपना चेरा।।
सतगुरु ने करुणा…..
मन मेरा निर्मल करा दिया, मेरा दिल बना लिया अपना बसेरा।।
लक्ष्मीनारायण का तू ने बेड़ा पार किया, नहिं भूलूँ अब अहसान तेरा।।
सतगुरु ने करुणा…..