हे गुरुदेव दयालु मेरे, तेरे भरोसे मेरी दुनिया चले रे।
तू ही है सब कुछ जगत का कर्ता, तेरे बिनु गुरुजी पत्ता नहि हिले रे।।
हे गुरुदेव दयालु…..
तेरी ऊर्जा से ही हिमालय बनता, तेरी ऊर्जा से ही हिम गले रे।।
तेरे ईशारों से उदय अस्त सृष्टि का, तेरी ही क्षमता नर मादा फूले फले रे।।
हे गुरुदेव दयालु…..
तेरी लीला तू ही जाने सतगुरु, सब सृष्टि तेरे चरणों तले रे।।
सब चराचर है तेरी सन्तान, नहिं तेरे लिए कोई बुरे भले रे।।
हे गुरुदेव दयालु…..
अवधूत देवीदास ने कर दी बक्सीस, लक्ष्मीनारायण अब तेरी शरण में पले रे।
हे गुरुदेव दयालु…..