सतगुरु विनती हमारी सुन लेना, हम आएँ हैं द्वारे तुम्हारे अर्जी हमारी रख लेना।।
सुख-शान्ति हो परिवार हमारे, हमारे दिल में तुम रह लेना।।
सतगुरु विनती …..
पूजा, जप-तप, भजन हमसे नहि होता, तुम तो हमको शरण में रख लेना।।
प्यार, प्रेम रहे हमारे दिल में, प्रेमवृत्ति हमारी कर देना।।
सतगुरु विनती …..
दान-दक्षिणा नहिं है कछु देने को, हमको तुम क्षमा कर देना।।
भूल कर भी ना चलें कुपथ पर, दया दृष्टि हम पर रख लेना।।
सतगुरु विनती …..
विषयन के जाल पड़े ना हम कभी, कृपा करके हमको बचा लेना।।
अवधूत देवीदास का प्रताप बढ़े जग में, लक्ष्मीनारायण की विनती रख लेना।।
सतगुरु विनती …..