जब-जब विषय सताएँ मन में, सतगुरु को सुमिरना अपने दिल में।
सतगुरु तुझे बचायेंगे।।
जब-जब विषय …..
जब काम-क्रोध उठ आएँ तन में, तब तू सुरता को लगाना गुरु चरणन में।
काम, क्रोध तेरे टल जायेगें।।
जब-जब विषय …..
जब कोई चिन्ता सताये जग में, तू करना भरोसा सतगुरु का मन में।
सतगुरु चिन्ता दूर करायेंगे।।
जब-जब विषय …..
जब कोई विपदा आ जाए जीवन में, करना समर्पण सतगुरु के चरणन में।
सतगुरु रक्षा करायेंगे।।
जब-जब विषय …..
जब मन भटक जाए जग में, लगा लेना ध्यान अपना जप में।
सतगुरु राह बतायेंगे।।
जब-जब विषय …..