तू जप कर चाहे ना कर, बस सतगुरु चरण में सुरता रखना।।
तू पुण्य कर चाहे न कर, बस बुरा किसीका मत करना।।
तू जप कर…..
तू ध्यान कर चाहे ना कर, बस सतगुरु को याद रखना।।
तू सतगुरु का गुण गाए चाहे ना गाए, बस तू सतगुरु का चिन्तन करना।।
तू जप कर…..
तू कुछ करे चाहे ना करे, बस खुद को कर्ता मत कहना।।
तू जगत का भरोसा करे या ना करे, बस सतगुरु का भरोसा तू करना।
तू जप कर…..
तू सतगुरु को जाने अनजाने, बस तू समर्पण करना।।
सतगुरु की तुझे कृपा मिल जायेगी, बस तू मानले लक्ष्मीनारायण का कहना।।
तू जप कर…..