मन को समझावो, सत्संग में चले आवो।सुख बरसेगा, आनन्द बरसेगा।।भजन भाव में मन को लगावो, हरषि-हरषि हरि गुण गावो।सुख बरसेगा, आनन्द बरसेगा।।विषय-वासना को तजावो,...
गुरुदेव हमरे काज सँवारो, म्हारा दिल में आज पधारो।।पूजा जप-तप हमसे होता नहिं, म्हाने तो गुरुजी भरोसो तिहारो।।गुरुदेव हमरे…..मुझमें गुरुजी अवगुण घणा, म्हाने तो...
ओ मन के घोड़ा कूँ, मारो ज्ञान के कोड़ा सूँ, विपद जाल कट जायेगा।।नियम संयम का खूँटा गाड़ो, लगाम श्वास की बाँधो, सुख मिल...
मेरे सतगुरु की सब करणी अलौकिक भाई रे।बिनु पद के चले सतगुरु मेरा, मुख बिनु सब किछु खाई रे।।मेरे सतगुरु की…..बिनु अँखिया सतगुरु देखे...
जो करता है प्रभु अच्छा करता है, तू सदा यह बोले।जो भी करता प्रभु ही करता जगत में, बिनु हरि पत्ता तक नहिं डोले।।ये...
सत्संग से हरि रिझै, वेद-पुराण महिमा गाई रे।सत्संग से चिन्ता सब नाशै, यह अनुभव हम कराई रे।।सत्संग से हरि…..सत्संग से काम, क्रोध नहीं सतावे,...
हर घट में राम रमै, दुनियाँ समझ नहिं पाती रे।हर काठ में अग्नि रहती जैसे, छुअत देखत अग्नि नहिं मिल पाती रे।।हर घट में…..हर...
ओ बन्दे तू करले भजन, तेरी बीती जाय जवानी रे।काम, क्रोध, मद, लोभ को तजि दे, ये पल-पल तोय सतावें अभिमानी रे।।ओ बन्दे तू…..माया...
हे रोम-रोम में रमने वाले राम, तुझे मेरा प्रणाम, तुझे मेरा प्रणाम।।भवसागर में मेरी नैया गोता खाती, तू ही आए अटके में काम।।हे रोम-रोम...
जब हो मन अशांत तेरा, सतगुरु का सुमिरण करना रे।।मन की चिंता सतगुरु को सौंप, शान्त चित ध्यान लगाना रे।।जब हो मन अशान्त…..सुरता को...