सुरत तो शब्द बिनु आँधरी, गुरु बिनु कौन शब्द समझाय रे।।बिनु शब्द तो सुरता, बिरथा जग में भरमाय रे।।सबके घट में कल्पतरु है, ताकि...
घट में राम रमै, मूर्ख बन कन्दरा भरमाई रे।नाम रूप सब कल्पना, समझो ध्यान लगाई रे।।राम तो सबका पिता है, नहिं काउ को बेटा...
ओ सुनो मेरे भाई, जाति-पाति सब इन्साँ ने बनाई।वेद पढ़े विप्र ब्रह्म, जाने ब्राह्मण सुहाई।जाति से जो ब्राह्मण, माने वाकी मति मराई।।कर्म से सब...
सत्संग कर लो माया जाल कट जाई।पलपल आनन्द बरसेगा, नित नव मन उमंग उठाई।।सत्संग कर लो….. काम, क्रोध के चोर भागेंगे, सदगुण हियँ उमगाई।राग-द्वेष...
गुरु मंत्र की शक्ति कोई बिरला जाने रे।कोई पाँच नाम बताए कोई सतनाम बखाने रे।।सब शब्द में उलझ रहे ये इनके थोथे गाने रे।गुरु...
सबके घट में राम बसै, गुरु बिनु कौन बतावे रे।।सब कुछ करता राम ही करता, गुरु बिनु कौन समझावे रे।।सबके घट में….. राम रमैया...
ङां ङं ङां खं खं खं सतगुरु चरण नमनहं हं हं क्षं क्षं क्षं सतगुरु चरण नमनलं लं लं वं वं वं सतगुरु चरण...
गुरु है सुरत शब्द का जानिनहारा रे।गुरु बिनु नहिं कोई जग में सहारा रे।।गुरु देकर अंकुश मन्त्र का, चंचलता मिटाते मन हस्ति कागुरु ही...
गुरु चरणन की रज से, अपना मन दर्पण धोलो भाई।।प्रभु का नित्य गुण गावो, तजि सब मन की कपटाई।।गुरु चरणन…..यो तन तो है माटी...
सत्संग करलो मेरे भाई रे, सठता मिट जाती सत्संग पाई रे।।सत्संग की महिमा अपार है, निगम पुराण सब गाई रे।।सत्संग करलो…..कुमति का जाल सब...