ओ सुनो मेरे भाई, सन्त मिलन तीरथ सुहाई।।सन्त का दरशन मन शान्त कराए, मन की कल्मष सहज मिटाए।।सन्त मिलन आनन्ददाई।।ओ सुनो मेरे…..राम की भक्ति...
सत्संग की महिमा अपरम्पारी रे, काक होय कोकिल, सब सन्त पुकारी रे।।मन की कल्मष मिट जाती, मिट जाती सब तन की बीमारी रे।।सत्संग की...
सत्संग की महिमा सबने गाई रे।चार पदारथ जिसने भी पाए, सबने सत्संग से पाई रे।।सत्संग की महिमा…..जिसने भी सुयश पाया जग में, सत्संग सू...
जोबन ज्वर में मत भरमा मेरे भाई रे।माया, मोह, मद, ममता, ये सब दु:खदाई रे।।जोबन ज्वर…..तेरी दो दिन की है जिन्दगानी, क्षणभर को चढ़ी...
जड़ चेतन सब गुण दोषमय, भाई मन में करो विचार।सुसंग से गुण नित बढ़ते, कुसंग से उपजें सब विकार।।जड़-चेतन…..सत्संग है खान गुणों की, बरसें...
प्रभु का है सब घट ही धाम रे।वो ही अल्लाह ईश्वर वो ही रमता राम रे।।ब्रह्म अखण्ड सबमें ऊर्जा एक समान रे।।नाम रूप में...
राम करे सोई होवे, राम का मरम समझो भाई।।प्राण तुम्हारा राम है, प्राण ही भाव उपजाई।।राम करे…..भावों से बुद्धि उपजै, बुद्धि ही क्रिया कराई।।बुद्धि...
उल्टा नाम जपो मेरे भाई, भरम मन का मिट जाई।।उल्टा नाम जपा वाल्मीकि ने, निज घट में ब्रह्म समझाई।।उल्टा नाम जपो…..पवन उलट गगन में...
गुरु बिनु कोन भव तरा है भाई।गुरु शरण में पापी भी तर गए, निगम-पुराण सब गाई।।गुरु के बल से जीवन सुधरता, चिन्ता, शोक कबहुँ...
बिनु भगत कौन जगत में सुख पाए रे।बिनु लवण के व्यंजन बनालो, पर खावो तो स्वाद नहिं आए रे।।बिनु भगति के माया नहिं भगती,...