हे सतगुरु मेरे बन्धन खोल

हे सतगुरु मेरे बन्धन खोल, मैं तो हार थका इत-उत डोल।।सतगुरु मैं तेरी शरण में आ गया, अब तो मेरा मोह का बन्धन तोड़।।हे...

Read More

निर्गुण-सर्गुण में मत भरमा

निर्गुण-सर्गुण में मत भरमा, घट का राम समझले भाई रे।अकथ-अगाध अनन्त है ब्रह्म, वो ना मरै ना जन्माई रे।।निर्गुण-सर्गुण में…..सतचित आनन्द है ब्रह्म, चित...

Read More

राम का नाम जपो भाई

राम का नाम जपो भाई, राम जपने से सदगति मिलाई रे।।प्राण है राम तुम्हारा, काहे बाहिर भरमाई रे।।नाम जपा मुनि नारद ने, तीनउ लोक...

Read More

सतगुरु हैं करुणा सिन्धु

सतगुरु हैं करुणा सिन्धु, सतगुरु ही हरते सब पीर।।नियम संयम की ढाल बनवाते, बदल देते भगतों की तकदीर।।सतगुरु हैं करुणा…..काम, क्रोध को मरवा देते,...

Read More

मैं तो था अवगुणों का भण्डार

मैं तो अवगुणों का था भण्डार, धन्य-धन्य सतगुरु तेरा, तू ने कर दी कृपा अपार।।करुणामय है सतगुरु स्वभाव तुम्हारा, वरना मेरा तो हो जाता...

Read More

नेति नेति करि जाहि वेद बखाने

नेति नेति करि जाहि वेद बखाने, गुरु कृपा से वाहे हम घट में जाने।।एक अखण्ड अजन्मा ब्रह्म हैं, वो सतचित आनन्द रूप हम पहिचाने।नेति...

Read More

तप बल से बढ़कर

तप बल से बढ़कर नहिं किछु भाई रे, तप बल से ही सब सृष्टि रचाई रे।।तप से ही सबका पालन-पोषण होता, तप से ही...

Read More

नाम रूप की अकथ कहानी

नाम रूप की अकथ कहानी, कोई समझेगा ब्रह्मज्ञानी।नाम से नामी अलग नहीं होता, नाम का मरम जानै ध्यानी।।नाम रूप की…..नाम का अनुसरण नामी करता,...

Read More

ध्यान है सतयुग में

ध्यान है सतयुग में मारग, हरि को पाने को।गुणातीत अवस्था साधक की, अवस्था सोई सतयुग समझाने को।।ध्यान है सतयुग में…..त्रेता युग यज्ञ ही मारग...

Read More